ज़ियारत गाइड

दरबार-ए-आलिया की आपकी आध्यात्मिक यात्रा के लिए आवश्यक जानकारी।

भ्रमण के घंटे

24/7 खुला. सभी आगंतुकों को प्रतिदिन लंगर (निःशुल्क रसोई) परोसा जाता है।

जगह

तारिग्री शरीफ (दस्का से 13 किमी उत्तर पूर्व)। सियालकोट, पंजाब से 16 कि.मी. दक्षिण पश्चिम। (निर्देशांक: 32°21′10″N 74°29′01″E)

दिशा-निर्देश

शालीन पोशाक की आवश्यकता. कादरी परंपराओं का पालन करते हुए सामुदायिक धिक्कार सभाओं में सम्मानपूर्वक भाग लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

दरबार-ए-आलिया गौसिया तरीगरी शरीफ, ज़ियारत गाइड, इतिहास और उर्स मुबारक के बारे में सीधे उत्तर।

तरीगरी शरीफ कहाँ स्थित है और यहाँ कैसे पहुँचा जा सकता है?

तरीगरी शरीफ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सियालकोट जिले की डस्का तहसील में स्थित है (निर्देशांक: 32°21′10″N 74°29′01″E)। यह डस्का से 13 किमी उत्तर-पूर्व और सियालकोट से 16 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।

दरबार-ए-आलिया गौसिया तरीगरी शरीफ में किन संतों की मज़ार है?

यह दरगाह हुज़ूर सरकार जी अली मुहम्मद सरकार नूरी कादरी (RTA) और कादरी सूफी सिलसिले के सात वली अल्लाह संतों की पवित्र विश्राम स्थली है।

तरीगरी शरीफ में ज़ियारत का समय और लंगर व्यवस्था क्या है?

दरगाह परिसर सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे खुला रहता है और सभी आगंतुकों को प्रतिदिन निःशुल्क लंगर परोसा जाता है।

वार्षिक उर्स मुबारक कब मनाया जाता है?

तरीगरी शरीफ में प्रत्येक वर्ष 26 फरवरी और 18 जून को दो बड़े उर्स मुबारक मनाए जाते हैं, तथा हर गुरुवार को साप्ताहिक महफ़िल-ए-ज़िक्र होती है।

ज़ियारत के दौरान किन नियमों का पालन करना चाहिए?

श्रद्धालुओं को शालीन वस्त्र पहनने चाहिए और कादरी परंपराओं के अनुसार ज़िक्र व दुआ में सम्मानपूर्वक भाग लेना चाहिए।